आहोर। अरावली इंस्टीट्यूट, गोदन में बुधवार को प्रातः कालीन वंदना सभा में गणेश चतुर्थी और संवत्सरी का उत्सव बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शिक्षकों ने विद्यालय को खूबसूरती से सजाया और इस अवसर के लिए सभी व्यवस्थाएं की। सर्वप्रथम सरस्वती वंदना के बाद भगवान गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए गए। भैया बहनों और शिक्षकों के द्वारा गणेश जी की वंदना की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार दर्जी ने भगवान गणेश जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान गणेश जी की पूजा के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। इसीलिए हमें अपने किसी भी कार्यों को बिना बाधा के पूर्ण करने के लिए भगवान गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। कार्यक्रम का समापन गणेश जी की आरती के बाद किया गया ।बाद में, सभी भैया बहनों को प्रसाद वितरित किया गया, जिससे खुशी और एकता का संचार हुआ। इसके साथ ही, विद्यालय में संवत्सरी का भी गहन सम्मान के साथ पालन किया गया एवं क्षमा, शांति और सद्भाव के इस दिन के महत्व को समझाया, जब लोग मिच्छामि दुक्कड़म कहकर सभी से क्षमा मांगते हैं, जिसका अर्थ है यदि मैंने जाने-अनजाने में आपको ठेस पहुँचाई हो तो मैं क्षमा माँगता हूँ। इस सुंदर संदेश ने सभी को दया, प्रेम और एकता के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। इन्हीं कार्यक्रमों के बीच विद्यार्थियों द्वारा संकल्प लिया गया जिसमें अपने विद्यालय को स्वच्छ, हरित, अनुशासित, और प्रेरणास्पद बनायेंगे। विद्यालय के संपदा, संसाधन और समय को राष्ट्रधन बनाएंगे। विद्यालय का भेदभाव रहित वातावरण बनाएंगे। शिक्षा को केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, ओर समाज सेवा का माध्यम बनाएंगे। विद्यालय को संस्कार, सेवा ओर समर्पण का तीर्थ स्थल बनाएंगे।इन दोनों समारोहों ने पूरे विद्यालय के वातावरण को दिव्य ऊर्जा, आनंद और क्षमा की भावना से भर दिया। इस दौरान रमेश कुमार चौधरी, शोभा मीणा, दिनेश चौधरी, समेत विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
*अरावली इंस्टीट्यूट, गोदन के विद्यार्थियों ने हर्षौल्लास से मनाया गणेश चतुर्थी व संवत्सरी उत्सव*
byसंजीव कुटल
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