सरस्वती शिक्षण संस्थान, भाद्राजून (जालोर) में आज स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती "राष्ट्रीय युवा दिवस" के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ

 


(संजीव कुटल) 

सरस्वती शिक्षण संस्थान, भाद्राजून (जालोर) में आज स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती "राष्ट्रीय युवा दिवस" के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ।



मुख्य अतिथि  तरुण कुमार  (समन्वयक नीति आयोग, जालोर) ने अपने संबोधन में कहा किए स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज के डिजिटल युग में भी युवाओं के लिए सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं।" उन्होंने छात्रों को एकाग्रता और आत्मविश्वास का महत्व समझाया। समारोह अध्यक्ष  गिरिराज सिंह गंगावा (जिला प्रमुख ABVP जालोर) ने स्वामी जी के शिकागो व्याख्यान के ऐतिहासिक प्रसंग साझा किए। संत सानिध्य श्री श्री युवराज जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद जी द्वारा विश्व धर्म संसद शिकागो में भारतीय हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति की वास्तविक शिक्षाओं के व्याख्यान के बारे में बताया एवं इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि देवराज (खण्ड प्रचारक RSS),  करनाराम  (पुलिस थाना भाद्राजून),  बाबूलाल  देवासी (समाजसेवी) आदि ने अपने- अपने व्याख्यान में स्वामी विवेकानंद जी द्वारा पश्चिमी देशों को भारतीय अध्यात्म और वसुधैव कुटुंबकम, उनके भाषण की शुरुआत "अमेरिका के भाइयों और बहनों" से हुई थी जिससे पूरी दुनिया का दिल जीत लिया था आदि ऐतिहासिक भाषण की मुख्य बातें बताई गई



इस अवसर पर विद्यालय के छात्राओं द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी के बारे में परिचय दिया।




मंच संचालन प्राचार्य  रवि जी द्वारा किया गया। अंत में संस्था निदेशक महोदय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अथितियों का धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्थान के सभी शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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